अनपरा लूटकांड का खुलासा मास्टरमाइंड सहित 5 गिरफ्तार पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, लूटा गया माल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।

अनपरा थाना क्षेत्र में 27 मार्च को भारत फाइनेंस कंपनी के कलेक्शन एजेंट से हुई लूट की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने सफल अनावरण कर दिया है। अनपरा व शक्तिनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने एसओजी के सहयोग से मुठभेड़ के दौरान दो बदमाशों को घायल करते हुए कुल पांच अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध तमंचा, कारतूस, लूटा गया माल और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बता दे कि घटना के अनुसार 27 मार्च को दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार बदमाशों ने कलेक्शन एजेंट से ₹63,000 नकद, टैबलेट, बायोमेट्रिक मशीन, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेजों से भरा बैग लूट लिया था। इस मामले में थाना अनपरा पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस अधीक्षक सोनभद्र अभिषेक वर्मा के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार व क्षेत्राधिकारी पिपरी हर्ष पांडेय के पर्यवेक्षण में टीम गठित की गई। 1 अप्रैल की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कुबरी पहाड़ी के पास घेराबंदी की। इस दौरान बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में संजय यादव और पंकज श्रीवास्तव के पैर में गोली लगी, जबकि धीरज यादव व हरिओम जायसवाल को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के पास से दो अवैध तमंचे, जिंदा कारतूस, खोखा, ₹28,500 नकद, बायोमेट्रिक मशीन, टैबलेट, तीन मोबाइल फोन, कलेक्शन डायरी व अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। साथ ही घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस वारदात की साजिश चन्द्रेश यादव ने रची थी, जो पूर्व में भारत फाइनेंस कंपनी में कार्यरत था और उसे कलेक्शन के समय की पूरी जानकारी थी। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया है। घायल अभियुक्तों को उपचार हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस कार्रवाई को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।





