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मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 324 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत 324 जोड़े परिणय सूत्र में बंधे चोपन, कोन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉकों से आए इन जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। इनमें दो मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे।

सोनभद्र के चोपन ब्लॉक स्थित रेलवे मैदान में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 324 जोड़े विवाह बंधन में बंधे। सुबह से ही विवाह स्थल को आकर्षक रूप से सजाया गया था और वर-वधू अपने परिजनों के साथ समारोह स्थल पर पहुंचने लगे थे।

चोपन, कोन, दुद्धी, म्योरपुर और बभनी ब्लॉकों से आए इन जोड़ों का विवाह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ संपन्न कराया गया। इनमें दो मुस्लिम जोड़े भी शामिल थे, जिनका निकाह उनकी धार्मिक परंपराओं के अनुसार हुआ। एक ही मंच पर इतनी बड़ी संख्या में जोड़ों का विवाह समारोह का मुख्य आकर्षण रहा। शासन द्वारा इस योजना के तहत 349 पात्र जोड़ों के विवाह का लक्ष्य निर्धारित किया गया था।

हालांकि, विभिन्न कारणों से कुछ जोड़े समारोह स्थल तक नहीं पहुंच सके, फिर भी बड़ी संख्या में विवाह संपन्न होने से कार्यक्रम को सफल माना गया। प्रशासन द्वारा समारोह के दौरान सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई थीं। इसमें बैठने की व्यवस्था, भोजन, पेयजल, सुरक्षा और चिकित्सा सुविधाएं शामिल थीं। नवविवाहित जोड़ों को शासन की ओर से निर्धारित अनुदान राशि और उपहार सामग्री भी प्रदान की गई, ताकि वे अपने नए जीवन की शुरुआत सुगमता से कर सकें।

राज्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के लिए एक सराहनीय पहल है, जिससे उन्हें सम्मानपूर्वक विवाह करने का अवसर मिल रहा है। यह योजना समाज में समानता और सामाजिक समरसता को भी बढ़ावा दे रही है।

बीते दिनों डाइट प्रेशर में हुए सामूहिक विवाह में कुछ जोड़ों को 20 से उठाने की भागवत सवाल पर राज्य मंत्री ने कहा हर वर्ष शादी होता है तो उसका एक टारगेट होता है डॉक्यूमेंट में कोई त्रुटि होगी इस वजह से उनका विवाह रोक दिया गया होगा अगले वर्ष निश्चित रूप से उनका विवाह सुनिश्चित होगा। नगद सीधे खाते में जाता है और दहेज गृहस्थी का सामान उनका मौके पर ही दे दिया जाता है।

टारगेट को पूरा करने के लिए पहले से विभाग द्वारा बहुत मेहनत किया जाता है। विभाग द्वारा पहला सर्वे कराया जाता है और पात्र लोगों का डॉक्यूमेंट देखकर ही सामूहिक विवाह में उनका विवाह सुनिश्चित किया जाता है। सामूहिक विवाह में टॉप ब्लॉकों की श्रेणी में उन्होंने चोपन का नाम लिया।

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