शिक्षकों की कमी को अगर दूर नहीं किया जाता है तो छात्र छात्राओ के साथ आमरण अनसन पर बैठ जाएंगे अभिभावक

 शिक्षकों की कमी को अगर दूर  नहीं किया जाता है तो  छात्र छात्राओ के साथ आमरण अनसन पर बैठ जाएंगे अभिभावक

राजकीय इंटर कालेज गोदली में शिक्षकों की कमी पड़ रही बच्चों के भविष्य पर भारी

भले ही आज से 2022 और 23 का नया शिक्षा सत्र शुरू हो गया है लेकिन कितना अहम और कितना शिक्षाप्रद होगा शिक्षा सत्र और कितनी तैयार है सरकार बच्चो के भविष्य को लेकर

चमोली के विकासखंड पोखरी के राजकीय इंटर कॉलेज गोदली में शिक्षकों की कमी छात्र-छात्राओं के भविष्य पर भारी पड़ रही है। विद्यालय में 250से अधिक छात्र-छात्राओं पर शिक्षकों के 19 पद स्वीकृत हैं, लेकिन प्रवक्ताओं के 8 और एलटी 3 पद खाली हैं। इसमें भी कई पद ऐसे हैं जो लंबे समय से खाली चल रहे हैं।
ग्रामीण परिवेश वाला जीआइसी गोदली। यहां की छात्र संख्या भले ही सुकून देनी वाली हो पर शिक्षकों की कमी हैरत करने वाली भी है। मौजूदा समय में विद्यालय में 250 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। 10से अधिक गांवों बच्चे अध्ययनरत है इस विद्यालय में यह संख्या अच्छी खासी है, लेकिन प्रवक्ता क्रम में हिंदी, अंग्रेजी, भौतिक विज्ञान, रासायनिक विज्ञान, गणित, अर्थशास्त्र, इतिहास, संस्कृत
जैसे शिक्षकों के पदों का रिक्त होना भी चिंता का कारण है। एलटी क्रम गणित , अंग्रेज, व्यायाम में भी शिक्षकों के पद खाली हैं। इस सब के बीच विद्यालय में पठन-पाठन प्रभावित न हो इसके लिए इंटर स्तर पर कई कक्षाओं को निचली कक्षाओं के शिक्षक पढ़ा कर व्यवस्था बनाए हुए हैं।
अभिभावक संघ के अध्यक्ष सजन सिंह नेगी ने कहना है कि विद्यालय में कई सालों से रिक्त चल रहे पदों पर नियुक्ति को लेकर कई बार शिक्षा विभाग के अलावा शासन से भी गुहार लगाई गई लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। उनका कहना है कि यदि जल्दी ही इस ज्वलंत मसले पर शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से विचार कर शिक्षकों की नियुक्ति नहीं की गई तो सम्पूर्ण क्षेत्रीय जनता छात्र छात्राओ के साथ आमरण अनसन पर बैठ जाएंगे

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Related post

Share