इस गाव मे खुले आसमान के नीचे रो रहे है बुजुर्ग शासन प्रशासन नहीं ले रहा इनकी सुध

 इस गाव मे खुले आसमान के नीचे रो रहे है  बुजुर्ग शासन प्रशासन नहीं ले रहा इनकी सुध

चकराता

23 दिन बीत जाने के बाद भी शासन प्रशासन ने नहीं ली लोहारी गांव के ग्रामीणों की कोई सुध

23 दिन हो गए लोहारी गांव को जल समाधि लिए हुए लेकिन शासन प्रशासन ने अभी तक लोहारी गांव के ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ली है और यह ग्रामीण खुले आसमान के नीचे एक सरकारी स्कूल में अपना जीवन यापन करने के लिए मजबूर हैं और खुले में ही शौच जाने के लिए मजबूर हैं वही आपको यह भी बताते चलें कि लोहारी गांव के ग्रामीण अपनी मांग को लेकर काफी लंबे अरसे से जमीन के बदले जमीन की मांग को लेकर आंदोलन कर रही थे लेकिन शासन-प्रशासन की हठधर्मिता के चलते इनका आंदोलन खत्म करा दिया गया था और 17 लोगों को जेल भेज दिया गया था वहीं हाईकोर्ट से इनको जमानत मिली थी उसके तत्पश्चात 48 घंटे का समय इनको गांव खाली कराने के लिए दिया गया था लेकिन प्रशासन का रवैया इनके लिए सही नहीं था और 24 घंटे में ही जेसीबी मशीन गांव में पहुंच गई और गांव को जबरन खाली करा दिया गया वहीं अब यह लोग खुले आसमान के नीचे अपना जीवन यापन करने को मजबूर है वहीं अब बरसात का भी मौसम आने वाला है इन लोगों का कहना है कि हम बरसात के मौसम में खुले आसमान के नीचे कैसे रहेंगे वही बुजुर्गों की आंखों में आंसू भी दिखाई दी और मायूसी भी दिखाई दी

गाव के लोगो का यह आरोप है

वही बुजुर्ग लोगी का कहना है हमे सरकार ने बेघर कर दिया है और हमारी सुध लेने वाला कोई नहीं है यहा के लोग अब न  तो कोई त्योहार माना रहे है और न ही अपनी कुल  देवताओ की पूजा भी नहीं कर  पा रहे है लोहारी गाव जो की कभी बच्चो की किलकारियो से गली मोहला गुजा करता था वहा आज सनाटा पसरा हुआ है गाव की महिलाओ की आँखो मे असुवों की बरसात हो रही है क्यूंकी अपने गाव को छोड़कर इन लोगो को एक स्कूल मे अपनी दिन रात बीतानी पड रही है जिसको लेकर लोगो मे काफी निराशा है ये गाव कभी इतना खुशहाल था की यहा लोगो की दिनचर्या दूसरों गाव की तरह बीता करती थी मगर आज इस यह गाव वीरान पड़ा हुआ  है जगह जगह घर गोशाला पानी से लबा लब भरी हुवी और लोगो की आँख अपने गाव गोसला को देखर अपने अशुओ को नहीं रोक पा रही है इन लोगो को हमेशा यह डर साता रहा है की अगर बरसात होती है तो ये लोग अपनी रात केसे खुले आसमान मे बिताएगे साथ ही अपने बच्चो के आने वाले कल को लेकर काफी चिंतित है

क्यूंकी अब गाव मे न तो कोई स्कूल बचा है और न जीने का जरिया है जहा देखो जहा नजर पड़ती वह बस पानी ही दिखाई देता है

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