लोकसभा में 131वां संविधान संशोधन विधेयक फेल अमित शाह ने लोकसभा में विधेयक पर कहा कि एक संतुलित और समावेशी लोकतांत्रिक ढांचा तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी..

संसद के लीचले सदन लोकसभा में शुक्रवार देर शाम 131वां संविधान संशोधन विधेयक जरूरी बहुमत नहीं मिलने पर फेल हो गया। यह विधेयक महिला आरक्षण से जुड़ा था जिसमें महिलाओं को संसद और विधानसभाओं में 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रस्ताव रखा गया था।
इस विधेयक में परिसीमन को भी शामिल किया गया था जिसे सरकार आगामी चुनावों में लागू करना चाहती थी। किसी भी विधेयक को पास होने के लिए सभी वोट करने वाले सांसदों का दो तिहाई बहुमत मिलना जरुरी होता है।
सत्ता पक्ष ने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया क्योकि विपक्ष लगातार विधेयक का विरोध कर रहा था। सदन में इस मुद्दे पर लंबी बहस हुई विपक्ष ने परिसीमन को लेकर कड़ा विरोध किया और इस विधेयक को राजनीतिक संतुलन को बिगाड़ने की कोशिश बताया जबकि सरकार ने इसे महिला सशक्तिकरण का बड़ा कदम बताया।
गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में विधेयक पर कहा कि एक संतुलित और समावेशी लोकतांत्रिक ढांचा तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी है। संविधान ने यह अधिकार सरकार को दिया है कि वह जनसंख्या के अनुरूप प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करे और संघीय ढांचे में संतुलन बनाए रखे। विपक्ष महिला आरक्षण को 2029 के बाद तक टालने की कोशिश कर रहा है। कांग्रेस का प्रस्ताव सुहाना जाल है, जिससे महिला आरक्षण समय पर लागू न हो सके और देश की महिलाएं ये सब देख रही हैं, चुनाव में इसका जवाब देंगी।
विधेयक में महिला आरक्षण और परिसीमन का मुद्दा बड़ा राजनीतिक विवाद बन गया प्रियंका गांधी वाड्रा ने बहस के दौरान बयान दिया उनके बयान के बाद सदन में हंगामा बढ़ गया सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई बहस के दौरान माहौल काफी गरम हो गया वोटिंग के समय सरकार को पूरा समर्थन नहीं मिला बिल गिरने के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं और भाजपा की महिला मोर्चा ने 18 अप्रैल को देशव्यापी समर्थन मार्च का ऐलान कर दिया है।





