मुख्यमंत्री योगी और मोहन यादव का आज वाराणसी दौरा,विक्रमादित्य महानाट्य मंचन का करेंगे शुभारम्भ,बाबा विश्वनाथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अर्पण पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित और राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के निर्देशन में प्रस्तुत महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य…

उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मुख्य आतिथ्य में तीन दिवसीय सम्राट विक्रमादित्य महानाट्य का शुभारंभ करेंगे। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के माध्यम से वाराणसी के बी.एल.डब्ल्यू. मैदान में आयोजित होने वाले इस महानाट्य की परिकल्पना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की है।
पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित द्वारा रचित और राजेश कुशवाहा द्वारा निर्मित और संजीव मालवी के निर्देशन में प्रस्तुत महानाट्य सम्राट विक्रमादित्य भारत की सांस्कृतिक चेतना को जगाने वाला अनुभव है। इसमें 200 से ज्यादा कलाकार हाथी, घोड़े, रथ, पालकियां, भव्य युद्ध, लाइट शो, आतिशबाजी नृत्य और बाबा महाकाल की भस्म आरती की दिव्य झलकियां शामिल है। महान सम्राट विक्रमादित्य के जन्म से राजतिलक तक की गाथा, विक्रम बेताल की कथा और सनातन धर्म के उत्थान की महाकाव्य कथा इस महानाट्य में जीवंत होती है।
बाबा विश्वनाथ को मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे विक्रमादित्य वैदिक घड़ी का अर्पण
मुख्यमंत्री डॉ. यादव की मंशा अनुसार काल गणना के केन्द्र महाकाल की नगरी उज्जैन में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना के बाद यह भारतवर्ष में स्थापित ज्योतिर्लिंगों में विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना की श्रृंखला में सर्वप्रथम बाबा विश्वनाथ को विक्रमादित्य वैदिक घडी अर्पण की जा रही है। भारत के स्वाभिमान के पुनर्स्थापन के लिए भारतीय काल गणना पर आधारित विश्व की पहली विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की स्थापना उज्जैन में की गयी है। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा वर्ष 2024 में किया गया था। इस घड़ी को वैदिक काल गणना के समस्त घटकों को समवेत कर बनाया गया है। यह घड़ी सूर्योदय से परिचालित है। जिस स्थान पर जो सूर्योदय का समय होगा उस स्थान की काल गणना तदनुसार होगी। स्टैण्डर्ड टाइम भी उसी से जुड़ा रहेगा। इस घड़ी से वैदिक समय, लोकेशन, भारतीय स्टैण्डर्ड टाइम, भारतीय पंचांग, विक्रम सम्वत् मास, ग्रह स्थिति, भद्रा स्थिति, चंद्र स्थिति आदि की जानकारी समाहित है।
विक्रमादित्य वैदिक घड़ी की विशेषताएं
इसमें समय का वैज्ञानिक और सटीक विभाजन किया गया है। इसमें एक दिन में 30 मुहूर्त हैं। दो सूर्योदय के बीच 30 मुहूर्त (घंटे) 30 काल (मिनट) और 30 काष्ठा (सेकंड) है।





